इस्लामी गणतंत्र ईरान की अमरीका में कैंप डेविड सम्मेलन के घोषणा पत्र की कड़ी आलोचना की है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मर्जिया अफखम ने शुक्रवार को इस बयान पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कैंप डेविड के घोषणापत्र को सम्मेलन में भाग लेने वाले देशो की करनी व कथनी में विरोधाभास का चिन्ह बताया और कहा कि बयान में यमन की अखंडता की अनदेखी की गयी है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मरज़िया अफख़म ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने सदैव ही बल दिया है कि क्षेत्र में जारी संकटों के समाधान के लिए सैन्य मार्ग से बचना और वार्ता का मार्ग अपनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यमन पर हमला न केवल यह कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है बल्कि हमले के बारे में कैंप डेविड घोषणापत्र अमरीका और उसके घटक देशों की करनी व कथनी में विरोधाभास को भी दर्शाता है। विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने किसी भी क्षेत्रीय संकट के संदर्भ में सैन्य मार्ग और देशों की अखंडता की अनदेखी की पुष्टि नहीं की है और ईरान का मानना है कि जो लोग आतंकवाद के विरुद्ध गंभीर संघर्ष के बजाए सैन्य मार्ग से अपने पड़ोसी देश के बुनियादी ढांचे को तबाह और क्षेत्र की शांति को गंभीर रूप से खतरे में डालते हैं वह इस स्थिति में कदापि नहीं होते कि अन्य देशों के व्यवहार के बारे में फैसला करें। विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि ईरान का मानना है कि क्षेत्र के संकटों की जड़, आतंकवाद और चरमपंथ है जिसे उखाड़ने के लिए सभी क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय पक्षों को बिना किसी भेदभाव के और नारों और दावों से दूर रहते हुए गंभीर रूप से क़दम उठाना चाहिए। याद रहे अमरीकी राष्ट्रपति के निमंत्रण पर फार्स की खाड़ी के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने कैंप डेविड सम्मेलन में भाग लिया जिसके समापन पर एक बयान जारी हुआ जिसमें ईरान पर निराधार आरोप लगाए गये।